राजकीय उच्चतर माध्यमिक बाल विद्यालय नूर नगर के छात्रों द्वारा संचालित ब्लॉग पर आपका स्वागत है।आप इस ब्लॉग के

Friday, May 2, 2008

बहुत ना इंसाफ़ी है रे !
अल-नूर जो कि छात्रों की अपनी मैगजीन है में निम्नलिखित गलतियां हैं।
1.इसमें पुराने फोटो छापे गए हैं।
2.छठी कक्षा को मैगजीन नहीं बांटी गईं ;जबकि छठी कक्षा की रचनाएँ छापी गईं हैं । भई! कौन सा कानून है कि रचना तो जाएगी लेकिन मैगजीन नहीं मिलेगी।
3.''माँ'' के पीछे संपादक साहब इस तरह पड़ गए हैं कि माँ शीर्षक से नौ रचनाएँ छपी हैं , जिनमें तीन एक ही हैं जो अलग- अलग नाम से हैं वो मैगजीन किसको अच्छी लगेगी जिसमें एक ही रचना को तीन बार छापा जाए। जगह फालतू थी तो दसवीं - बारहवीं के फर्स्ट सेकंड थर्ड के नाम ही छाप देते।
4.पेज 18 पर दिया गया पहला लेख शीर्षकहीन व अर्थहीन है ।
5.पेज 30 पर दिए गए तथ्यों में"Do You Know"में सूर्य की मरकरी से दूरी 58 Km बताई है। क्या ये इतना भी नहीं जानते कि सूर्य से 58 कम कोई ग्रह कैसे रह सकता है।

6."प्रेरक बिन्दु" और "दस अनमोल बातें" में छ: बातें समान हैं।

7.पेज 32 पर दिया गया "MISTAKE" पिछली बार भी छापा गया था।

8."हमारा तुम्हारा वतन एक ही है "हिन्दी संपादक जी ने इसे आज तक नहीं पढ़ा (जबकि यह चार साल से कोर्स लगी में हुई है )कि इसे एक विद्यार्थी के नाम से छाप दिया ।

9.पेज 21 पर मध्य प्रदेश को सबसे बड़ा राज्य बताया गया है जबकि सबसे बड़ा राज्य राजिस्थान है

इसी तरह अन्य गल्तियाँ भी की गईं हैं। स्कूल प्रशासन से अनुरोध है की आगे से ध्यान दे व स्कूल मैगजीन को ऐसा बनाये जिससे उभरते लेखकों को मौका मिले न कि मैगजीन निकलने के नाम पर सिर्फ़ मजाक करे।

जारीकर्ता :IDEAL STUDENT GROUP

1 comment:

Unknown said...

thats true that govt has to take strict action towards it.